जीजा, बहन सहित परिवार के 5 लोगों को मौत के घाट उतार डाला

0
145

नागपुर में जघन्य वारदात, अपने 5 वर्षीय बेटे को भी नहीं छोड़ा, हत्यारा फरार

विपेन्द्र कुमार सिंह
नागपुर :
नागपुर शहर का नंदनवन का इलाका आज सोमवार, 11 जून की सुबह फिर एक और हृदयविदारक वारदात से दहल उठा. आराधना नगर के पवनकर परिवार के पांच सदस्यों की सुसुप्तावस्था में हत्या कर दी गई.

साला ही निकला हत्यारा
मिलनसार और सभी की मदद के लिए तत्पर रहने वाले भाजपा कार्यकर्ता कमलाकर पवनकर और पत्नी अर्चना व मां मीराबाई सहित बेटी वेदांती और अपने ही 5 वर्षीय बेटे कृष्णा को मौत घात उतारने वाला और दूसरा नहीं, बल्कि पवनकर का साला और उनकी पत्नी अर्चना का सगा भाई विवेक पालरकर है. रात में जब सभी गहरी नींद में थे, विवेक पालरकर ने लोहे के धारदार हथियार से इस जूनून में उसने अपने ही बेटे की जान भी ली और उसने अपनी 7 वर्षीया बेटी मिताली और भांजी वैष्णवी को अनाथ कर डाला. उसकी बेटी मिताली और बेटा कृष्णा दोनों अपनी बुआ के पास ही पल रहे थे. पुलिस उसकी तलाश कर रही है.

गहरी नींद में सो रहे लोगों की धारदार हथियार से जान ले ली
प्राप्त जानकारी के अनुसार मृत सभी पांच लोग एक ही कमरे में एक साथ सोये हुए थे. हॉल में कमलाकर की मां मीराबाई, आरोपी की बेटी मिताली और कमलाकर की बेटी वैष्णवी सोई थी. परिवार के सभी सदस्यों के साथ रात का भोजन कर विवेक पालरकर भी वहीं दीवान पर सो रहा था. रात को जब उस शैतान द्वारा अपने जीजा और बहन कमरे में जाकर दोनों बच्चों साथ सो रहे पति-पत्नी सहित चारों पर हथियार से वार करने की आवाज सुन मीराबाई जगी और उस कमरे में जाकर हत्यारे विवेक को और चारों को मृत देख चीखी, तब उस नराधम ने वृद्धा मीराबाई को वहां से घसीटता हुआ रसोई घर में ले गया और उनकी भी हत्या कर दी और रात में जिस स्प्लेंडर बाइक (एमएच-40/5709) से वह बहन के घर आया था, उसे भी वहीं छोड़ कर वहां से भाग निकला.

हत्या की गवाह बनीं हत्यारे की बेटी और भांजी
मीराबाई के साथ सो रही दोनों बहनें इस जघन्य हत्याकांड की साक्षी बनीं, लेकिन डर के मारे चुप रहीं, इस कारण उनकी जान बच गई. दोनों बहनों में एक ने अपने पिता को और दूसरी ने मामा को अपने सगों की हत्या को अंजाम देते देखा था. दोनों ऐसी दहशत में थीं कि जब सुबह होते ही दोनों घबराई हुई जब पास में ही कमलाकर के भाई के घर पहुंची तो वे कुछ बता पाने की स्थिति में नहीं थीं. उनकी बदहवासी से सभी चकित रह गए. बाद में उन्होंने कमलाकर पवनकर के घर जा कर सभी को मृतावस्था में देखा तो पुलिस को सूचित किया. पंचनामा करने के बाद पुलिस को मिताली और वैष्णवी से पूरी वारदात का पता चला.

पत्नी की हत्या के आरोप में सजा पा चुका था, जीजा की मदद से ही जमानत पर था
मिली जानकारी के अनुसार आरोपी विवेक पालरकर नागपुर जिले के नवरगांव, मौदा का निवासी है. वह 2014 में अपनी पत्नी को भी जलाकर मार डालने के आरोप में सजा पा चुका है. उसे बचाने के लिए कमलाकर पवनकर ने ही कोर्ट-कचहरी एक कर हाईकोर्ट से उसे जमानत पर छुड़ाया था. इस कार्य में उनके 5 लाख रुपए खर्च हुए थे. विवेक पालरकर के वादा किया था कि जेल बाहर आकर अपने पिता की अर्जित 10 एकड़ जमीन से कुछ हिस्सा बेच कर उनके पैसे चुका देगा. लेकिन वह टाल-मटोल करने लगा था. पैसे को लेकर जीजा-साले में खटपट होती रहती थी. कल रात भी जब वह आया और भोजन से सभी निपट चुके तो फिर पैसे चुकाने की बात पर दोनों में नोंकझोंक हुई और उसके बाद सभी सोने चले गए. विवेक भी वहीं हॉल के दीवान पर सो गया. लेकिन आधी रात को भीतर का शैतान जागा और उसने अपनी सगी बहन, जीजा, भांजे-भांजी और वृद्धा मीराबाई की हत्या कर दी.

नंदनवन पुलिस ने विवेक पालरकर के विरुद्ध हत्या का मामला दर्ज कर पुलिसकर्मियों के 9 दल उसकी तलाश में लगा दी है.

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY