केंद्र सरकार वरिष्ठ पदों पर नियुक्त कर रही निजी क्षेत्र के लोगों को

0
80

प्रायोगिक तौर पर पहले तीन वर्षों के लिए, सफल हुआ तो पांच वर्षों तक बढ़ाएगी

– सरकार का निजी क्षेत्र के लोगों को आमंत्रण
– नौकरशाही की स्थापित व्यवस्था से हट कर पहल
– पहली बार विभागों में विशेषज्ञ अधिकारी करेंगे कार्य

नई दिल्ली : निजी क्षेत्र के प्रतिभाशाली और प्रेरणादायी लोगों का सहयोग लेने के लिए सरकार ने कई विभागों में वरिष्ठ प्रशासनिक पदों पर सीधे नियुक्त करने का फैसला किया है. यह नियुक्तियां संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) परीक्षा से हट कर होगी और इसमें संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे. प्रयोग के तौर पर फिलहाल दस पदों पर नियुक्ति की जाएगी.

समाचार पत्रों में प्रकाशित हुआ विज्ञापन
समाचार पत्रों में केंद्र सरकार के प्रकाशित विज्ञापन के अनुसार सरकार प्रतिभाशाली लोगों को आमंत्रित कर रही है. ये लोग राजस्व, आर्थिक सेवाओं, आर्थिक मामलों, कृषि, समन्वय, कृषक कल्याण, सड़क परिवहन और राजमार्ग, जहाजरानी, पर्यावरण, वन और पर्यावरण, नई और अक्षय ऊर्जा, नागरिक उड्डयन और वाणिज्य क्षेत्र में कार्य करने के लिए आमंत्रित किए गए हैं.

पहले नियुक्तियां 3 साल के लिए फिर…
केंद्र सरकार के नियुक्ति और प्रशिक्षण विभाग की ओर से जारी परिपत्र में कहा गया है कि भारत सरकार प्रतिभाशाली लोगों की सेवाएं संयुक्त सचिव स्तर पर लेकर उन्हें राष्ट्र निर्माण से जोड़ने की इच्छुक है. यह नियुक्ति शुरुआत में तीन साल के लिए होगी. अगर प्रदर्शन अच्छा देखा गया तो इसे पांच साल के लिए बढ़ाया जाएगा. ये लोक विभाग के सचिव और अतिरिक्त सचिव के मातहत कार्य करेंगे, जो आइएएस, आइपीएस, आइएफएस और अन्य अधीनस्थ सेवाओं के अधिकारी होते हैं. वैसे केंद्र सरकार में संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी भी इन्हीं सेवाओं से आते हैं. इनकी नियुक्ति संघ लोक सेवा आयोग द्वारा त्रिस्तरीय परीक्षा के माध्यम से की जाती है.

2018 को न्यूनतम 40 वर्ष की आयु होनी चाहिए…
निजी क्षेत्र के जिन विशेषज्ञों को सरकारी सेवा के लिए आमंत्रित किया गया है, उनकी एक जुलाई, 2018 को न्यूनतम आयु 40 वर्ष की और उम्मीदवार को ग्रेजुएट होने चाहिए. अतिरिक्त योग्यता वाले आवेदनकर्ता को अतिरिक्त लाभ दिया जाएगा. इन पदों के लिए राज्य और केंद्रशासित प्रदेशों में कार्यरत अधिकारी और कर्मचारी भी आवेदन कर सकते हैं. चयन योग्यतानुसार किया जाएगा.

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY