चंद्रपुर-वर्धा-गढ़चिरोली वि.प. सीट के चुनाव में भाजपा की मुश्किलें बढ़ीं

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चंद्रपुर-वर्धा-गढ़चिरोली विधान परिषद क्षेत्र के भाजपा उम्मीदवार डॉ. रामदास आंबटकर और कांग्रेस के उम्मीदवार इंद्रकुमार सराफ.

सुरक्षित सीट को कुछ अपने कारण और कुछ कांग्रेस की हिस्सेदारी ने बना दिया असुरक्षित

अश्विन शाह
पुलगांव (वर्धा) :
चंद्रपुर-वर्धा-गढ़चिरोली विधान परिषद मतदाता क्षेत्र के लिए मतदान अब मात्र तीन दिनों बाद 21 मई को होने वाले हैं. 1063 मतदाताओं वाले इस क्षेत्र में मतदान की तिथि करीब आते ही तीनों जिलों में चुनावी हलचल तेज हो गई है. लेकिन इधर चुनाव क्षेत्र के सर्वाधिक मजबूत पक्ष एवं राज्य और केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी में विशेष घबराहट देखी जाने लगी है.

गड़करी और फड़णवीस के लिए प्रतिष्ठा की सीट
विदर्भ की एकमात्र सीट होने के कारण इस मतदाता क्षेत्र का चुनाव केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी और मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस के लिए प्रतिष्ठा का बन गया है. चिंता बात यह है कि भाजपा के समर्पित समझे जाने वाले मतदाताओं और कार्यकर्ताओं में असंतोष के स्वर उभरते नजर आने लगे हैं.

भाजपा के वोटरों में नाराजगी
तीनों जिलों के भाजपा के मतदाताओं में ऐसी नाराजगी और उदासीनता को भांप कर भाजपा परेशान यही. केंद्रीय गृहमंत्री हंसराज अहीर, आदिवासी राज्यमंत्री अंबरीश राजे आत्राम, सांसद रामदास तड़स, सांसद अशोक नेते सहित सभी पार्टी विधायकों के साथ ही चुनाव के प्रभारी राज्य के वित्त मंत्री सुधीर मुनगंटीवार की चिंता बढ़ा दी है.

नाराजगी दूर करने अज्ञात स्थलों पर पहुंचा रही है भाजपा
चर्चा है कि मतदान से पूर्व तीनों जिलों के अपने सभी 503 मतदाताओं को सुरक्षित स्थानों में एकत्र कर उनकी नाराजगी दूर करने के उपाय किए जा रहे हैं. इन सभी नगरसेवकों, जिला परिषद सदस्यों और पंचायत समिति सभापतियों को अज्ञात स्थल पर पहुंचाया जा रहा है. भाजपा नेताओं को आशंका है कि उनके ये मतदाता कहीं नाराजगी में कांग्रेस के पक्ष में मतदान कर दिया अथवा उदासीन हो मतदान में शामिल ही नहीं हुए तो इस विधान परिषद की यह सीट बचानी मुश्किल हो जाएगी.

भांगड़िया की जगह आंबटकर को लाने से भी असंतोष
वैसे पहले से ही अचानक पूर्व के भाजपा विधायक मितेश भांगड़िया की जगह रा.स्व.संघ के स्वयंसेवक व भाजपा के प्रदेश महामंत्री डॉ. रामदास आंबटकर को उम्मीदवार बना देने से क्षेत्र के भाजपा कार्यकर्ताओं और मतदाताओं में असंतोष है. हालांकि डॉ. आंबटकर वर्धा जिले के ही हैं, लेकिन पहले से तीनों जिलों में सक्रिय रहे और वर्धा के नगराध्यक्ष रहे इंद्रकुमार सराफ को उम्मीदवारी देकर कांग्रेस ने भाजपा के लिए मुश्किल पैदा कर दी है.

शिवसेना के मतदाता जा सकते हैं कांग्रेस के साथ
तीनों जिलों में कांग्रेस के मतदाताओं की संख्या 278 बताई जाती है. साथ ही शिवसेना के कुल 54 मतदाता हैं और शिवसेना के वर्धा जिला प्रमुख सराफ के पुत्र राजेश सराफ हैं. शिवसेना ने कोई उम्मीदवार भी संभवतः सराफ के कारण ही नहीं उतारा है. ऐसे में शिवसेना के मतदाताओं के मत कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में ही जाने वाले हैं. क्योंकि वैसे भी भाजपा और सेना के बीच खटास बढ़ी हुई है.

कांग्रेस ने सुरक्षित कर लिए हैं 400 से 450 वोट
बताया जाता है कि कांग्रेस ने इंद्रकुमार सराफ के रूप में एक सशक्त उम्मीदवार उतार कर अपने पक्ष में करीब 400 से 450 मतदाता सुरक्षित कर लिया है. बहुजन समाज पार्टी के 25 मतदाता भी सराफ के साथ आ गए हैं. लगभग 140 निर्दलीयों में से कम से कम आधे सराफ के साथ हैं. अब इस स्थिति में भाजपा जो पहले निर्विरोध चुने जाने के सपने देख रही थी. अब ऐसी परिस्थितियों में भाजपा के लिए चिंतित और परेशान होना स्वाभाविक है.

सीधा मुकाबला और कड़ा है भाजपा का कांग्रेस साथ
चुनाव मैदान में हालांकि चार उम्मीदवार हैं, लेकिन मुख्य मुकाबला भाजपा के रामदास आंबटकर और कांग्रेस के इंद्रकुमार सराफ के बीच ही है. इनमें दो निर्दलीयों में एक जगदीश टावरी भाजपा को समर्थन देने की घोषणा कर किनारे हो गए हैं, जबकि एनसीपी से बगावत कर सौरभ तिमांडे मैदान में डटे होने का आभास दिला रहे हैं. तिमांडे हिंगणघाट के पूर्व कांग्रेस विधायक राजू तिमांडे के पुत्र हैं. एनसीपी के मतदाताओं की संख्या 43 बताई जाती है. इन मतदाताओं में कुछ पर भी सराफ का प्रभाव है. तिमांडे बारे में चर्चा है कि सराफ का वोट काटने के लिए ही भाजपा के इशारे और पैसे के बल पर वे मैदान में डटे हैं.

नागपुर के होटल सेंटर पॉइंट में 14 मई को चंद्रपुर-वर्धा-गढ़चिरोली विधान परिषद् चुनाव और भंडारा-गोदिया लोकसभा चुनाव के संदर्भ में भाजपा के बैठक में मतदाता, कार्यकर्ता और गड़करी एवं फड़णवीस.

गड़करी की बातों से भाजपा मतदाताओं के बिदकने की चर्चा
भाजपा ने चार दिन पूर्व 14 मई को नागपुर के होटल सेंटर पॉईंट में भंडारा-गोंदिया लोकसभा क्षेत्र के कार्यकर्ताओं और तीनों जिलों चंद्रपुर-वर्धा-गढ़चिरोली के सभी नगरसेवकों, जिला परिषद सदस्यों और पंचायत समिति सभापतियों की बैठक का आयोजन किया था. इसमें केंद्रीय मंत्र्र गड़करी और मुख्यमंत्री फड़णवीस ने सभी को भारी बहुमत से डॉ. आंबटकर को विजयी बनाने की अपील की. बताया जाता है कि इस बैठक में लोगों को गड़करी की कुछ बातें खटक गई हैं. इससे भी मतदाताओं में रोष बढ़ा है. हालांकि चुनाव प्रभारी वित्त मंत्री मुनगंटीवार, केंद्रीय मंत्री अहीर और अन्य बड़े नेता डैमेज कंट्रोल में लगे हैं. लेकिन देखना है  आगामी 21 मई को चुनावी माहौल का पटाक्षेप कैसा होता है.

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