रेल कर्मचारियों का 72 घंटे का देशव्यापी अनशन शुरू

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वेतन आयोग की सिफारिशें और निजीकरण के प्रयासों के खिलाफ आंदोलन

नई दिल्ली : 7वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू नहीं करने और निजीकरण के प्रयासों के खिलाफ आज रेलवे की एम्पलॉई यूनियन ने देशभर में 72 घंटों की क्रमिक अनशन शुरू कर दिया है. रेलवे की एम्पलॉई यूनियन की इस हड़ताल से कई तरह की सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं. यह अनशन 11 मई तक चलेगा.

लंबित मांगों को लेकर किया जा रहा है अनशन
केंद्र सरकार के कर्मचारियों की मांगों पर विचार करने के संबंध में सरकार से कई बार अनुरोध किए गए. लेकिन अभी तक कोई सार्थक नतीजा नहीं निकला, जबकि करीब दो साल बीत चुके हैं. बयान के अनुसार कर्मचारियों की मांगों में सातवें वेतन आयोग के लागू होने के बाद विसंगतियों को दूर किया जाना, एनपीएस के दायरे में आने वाले सभी कर्मचारियों के लिए पेंशन की गारंटी और पारिवारिक पेंशन का प्रावधान, निजीकरण के प्रयास को समाप्त करना आदि शामिल हैं.

एआईआरएफ ने 13 और 14 मार्च, 2018 को हुई अपनी बैठकों में देश भर में फैडरेशन से जुड़ी यूनियनों की शाखाओं में तीन दिनों तक 24 घंटे की क्रमिक भूख हड़ताल करने का फैसला किया था.

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