घर में घुसे तेंदुए को 4 घंटे की मश्शकत के बाद बेहोश कर पकड़ा

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घर के बाथरूम में बंद तेंदुआ. दूसरे चित्र में वन विभाग द्वारा बेहोश कर पकड़ा गया तेंदुआ.

-सुबह 8 बजे की घटना, घर मालिक ने बाथरुम में कर दिया था बंद
-शहरी रिहायशी क्षेत्र में तेंदुए के घुस आने से नागरिकों में दहशत

ब्रिजेश तिवारी
कोंढाली (नागपुर) :
हिंगणा पुलिस थाना अंतर्गत लता मंगेशकर रुग्णालय के समीप पुलिस नगर कॉलनी के एक मकान में आज रविवार को सुबह 8 बजे एक बड़े तेंदुए के घुस आने से घर निवासी सहित पूरे परिसर में दहशत फैल गई. पूरे पौने नौ घन्टे बाद वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की 4 घंटे मी मश्शकत के बाद करीब शाम 4.40 बजे तेंदुआ को बेहोश कर पकड़ने में सफलता मिली.

हिंगणा के पुलिस कॉलोनी के तेंदुए वाले घर के बाहर जुटे तमाशबीन.

तेंदुआ आज सुबह से ही इस रिहायशी कॉलोनी में घूमता देखा गया था. उसकी चर्चा से लोग घबराए हुए थे. तभी लोगों को पता चला कि तेंदुआ एक घर में घुस गया है. वह एक पुलिस कर्मी पराग वायस्कर का घर है. जैसे ही तेंदुए को घर में घुसते हुए घर के लोगों की नजर पड़ी, घर में चीख-पुकार मच गई. घबरा कर तेंदुआ बाथरूम में जा घुसा. घर मालिक पराग ने हिम्मत से काम लिया और तुरंत बाथरूम का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया और उसकी सूचना नागपुर पुलिस कन्ट्रोल रूम को जानकारी दी. पुलिस ने वन विभाग को जानकारी दी.

इस बीच एमआईडीसी हिंगणा के थानेदार सुनील महाडिक तथा वाडी पुलिस भी वहां पहुंच गई. वन परिक्षेत्र अधिकारी आशीष निनावे भी दल-बल सहित घटनास्थल पहुंचे. वन विभाग की रेस्क्यू टीम को बुलाया गया. सूचना मिलते ही नागपुर जिला उपवन संरक्षक मल्लिकार्जुन के नेतृत्व में दोपहर 12 बजे रेस्क्यु ऑपरेशन शुरू किया गया. पहले वहां जमा हो गए हजारों दर्शकों को दूर हटाया गया.

वन विभाग के रेस्क्यु टीम केलोग बेहोश तेंदुए को ले जाते हुए.

बाथरूम की खिड़की से तीन डॉट्स मारे गए, पर बाथरूम एल आकार का होने के कारण तेंदुआ दीवार के पीछे छिप गया तथा तीनों डॉट्स खाली गए. बाद में पानी मारकर तेंदुए को खड़ा किया गया और तब डॉट्स मार कर उसे बेहोश किया गया. इस काम में वन विभाग के नागपुर जिला उपवन संरक्षक मल्लिकार्जुन सहायक उपवन संरक्षक विनायक उमाले आदि की उपस्थिति में वन विभाग, सेमिनरी हिल्स की टीम को लगभग 4 घंटे के प्रयास के बाद सफलता मिली.

रेस्क्यु टीम में डॉ. गौतम भोजणे, डॉ. वी.एम. धूत, सनी मगर, वरद धूत, आर.एफ.ओ. निंबेकर आदि का समावेश था. बेहोश तेंदुए को नेट से बांधकर रेस्क्यू वैन मे डालकर नागपुर के गोरेवाड़ा रेस्क्यु सेंटर रवाना किया गया. इस तेंदुए की उम्र लगभग तीन से चार वर्ष है.

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